पंजाब सिख मॉब लिंचिंग 24 घंटे गुरुद्वारे में दो मोब लिंचिंग
पंजाब सिख मॉब लिंचिंग 24 घंटे में गुरुद्वारे के अंदर दो मोब लिंचिंग की घटनाएं

पंजाब सिख मॉब लिंचिंग 24 घंटे में गुरुद्वारे के अंदर दो मोब लिंचिंग की घटनाएं

पंजाब सिख मॉब लिंचिंग 24 घंटे में गुरुद्वारे के अंदर दो मोब लिंचिंग की घटनाएं

पंजाब सिख मॉब लिंचिंग 24 घंटे में गुरुद्वारे के अंदर दो मोब लिंचिंग की घटनाएं अमृतसर गोल्डन टेंपल पंजाब एक हिंदू नौजवान गुरु ग्रंथ साहिब दरबार में प्रवेश कर जाता है बिना इजाजत और वहां की तलवार को उठा लेता है तभी तमाम निहंग सेवादार इत्यादि वहां पहुंच जाते हैं उसे पकड़ लेते हैं पकड़ने के बाद उसे मारते हैं और जाता है कि बताया यह जाता है कि उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है लेकिन कुछ समय बाद पता चलता है उसको सिख समुदाय के लोगों ने बेअदबी का आरोप लगाकर उसकी मॉब लिंचिंग कर देते हैं अब यह घटना था तभी एक दूसरा मॉब लिंचिंग का मामला आता है


पंजाब के कपूरथला से एक और मॉब लिंचिंग का मामला आया इसमें यह बताया गया है कि एक नौजवान पंजाब के जो निशान साहिब अर्थात जो सिख कौम का झंडा वह उसका रिस्पेक्ट नहीं कर रहा था और उस झंडे को रिस्पेक्ट नहीं करने की वजह से उस पर बेअदबी का इल्जाम लगा दिया जाता है और सिख समुदाय के लोग उसका लिंचिंग कर देते हैं दोनों मामला बहुत ही संगीन है मात्र 24 घंटे के अंदर यह दूसरा घटना हुआ है

और पुलिस की मौजूदगी में सिख समुदाय के जो भीड़ थी जो सेवादार निहंग थे वह लोग मामले में हस्तक्षेप करने से पुलिस को मना कर देते हैं और पुलिस मूकदर्शक बन जाती है और इन दोनों की घटनाओं का अंजाम दे दिया जाता है जैसे पाकिस्तान में आप मोहम्मद या अल्लाह या कुरान के खिलाफ कुछ भी बोलते हैं तो आपके ऊपर ब्लॉस्फेमी का आरोप लगाते हुए दी मॉब लिंचिंग कर जाती है ठीक उसी प्रकार से सिख समुदाय की धार्मिक क्रियाकलापों से या उनके खिलाफ कुछ भी बोलते हैं तो मॉब लिंचिंग कर दी जाती है

सिख मॉब लिंचिंग यह एक धार्मिक कट्टरवाद और धार्मिक उन्माद को प्रदर्शित करता है

पंजाब सिख मॉब लिंचिंग 24 घंटे में गुरुद्वारे के अंदर दो मोब लिंचिंग की घटनाएं
अमृतसर गोल्डन टेंपल पंजाब

यह एक धार्मिक कट्टरवाद और धार्मिक उन्माद को प्रदर्शित करता है इंसान को इतना कट्टरवादी नहीं बनना चाहिए जिसमे इंसानियत ही खतरे में आ जाए अब इसे क्या कहा जाए लोगों का कहना है खास तौर पर जो राजनीतिक लोग हैं यह एक सोची-समझी राजनीतिक षड्यंत्र है जिसमें बड़े-बड़े पाटिया राजनीतिक पार्टियां और राजनेता नेता और कुछ सरकार के हिस्से भी शामिल और जानबूझकर के इन घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है ताकि वोटों का ध्रुवीकरण हो सके क्योंकि पंजाब में चुनाव आने वाला है

और उसका वोटों अभी से बांटने के लिए राजनीतिक दल साम-दाम-दंड-भेद सभी प्रकार के अस्त्र को अपनाना शुरू कर दिए हैं सुनने में आया है लोगों का यह कहना है कि इन दोनों जवानों का मॉब लिंचिंग हुआ है गुरुद्वारा अमृतसर साहिब में और गुरुद्वारा कपूरथला साहिब इन दोनों मोब लिंचिंग में जो नौजवान हैं जिनकी हत्या कर दी गई है वह उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं अब यह जांच का विषय है इसकी कोई पुष्टि हम नहीं कर रहे हैं वैसे पंजाब में बहुत सारे मॉब लिंचिंग हो चुका है पहले भी बेअदबी का आरोप लगाकर और सरकार अभी तक उसमें न्याय नहीं कर पाई है इसलिए सरकार को इस मामले में जरूरी कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए और कोई रास्ता निकालें ताकि ऐसी घटनाओं का अंजाम ना हो सके

सिख धर्म के जो अनुयाई हैं उनके व्यवहार से कभी आपको प्रतीत हुआ कि वह लोग इतने कट्टरपंथी हैं

आपको क्या लगता है किस सिख धर्म सॉफ्ट है या बहुत ही कठोर है क्या इससे पहले आपको ऐसा लगता था कि जो सीखीजम और जो उनके अनुयाई हैं सिख धर्म के जो अनुयाई हैं उनके व्यवहार से कभी आपको प्रतीत हुआ कि वह लोग इतने कट्टरपंथी हैं नहीं ना मैंने भी ऐसा कभी नहीं सोचा था लेकिन अचानक कुछ वर्षों से यह सब घटनाएं देखकर बहुत तकलीफ होता है की क्योंकि दुनिया में सिख धर्म का जो परिचय है वह बहुत ही अच्छा रहा है लेकिन कुछ समय उसे सिख धर्म का जो दुनिया के सामने छवि है वह धूमिल होते दिख रहा है क्योंकि चंद कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ हित के लिए तमाम ऐसी मॉब लिंचिंग की घटनाएं करवा रहे हैं जो बहुत ही दुखदाई है

Kajal Manikya
Author: Kajal Manikya

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