MP Elections 2023: 66 सीटों पर कांग्रेस के हारने की क्या थी वजह? ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा दावा

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Digvijaya Singh on Jyotiraditya Scindia: मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 66 पर कांग्रेस बार-बार क्यों हार रही है? इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने मंथन करते हुए एक रिपोर्ट तैयार की है. यह रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ-साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के वरिष्ठ नेताओं के पास पहुंची है. रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा (Rameshwar Neekhra) के साथ मध्य प्रदेश की 66 विधानसभा सीटों का भ्रमण किया. यहां पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार अपनी जीत दर्ज करा रही है. इन सीटों पर दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात भी की. इसके अलावा हार के कारण भी जाने. इसे लेकर पूरी एक रिपोर्ट तैयार की गई है. इस रिपोर्ट को कांग्रेस के चुनिंदा बड़े नेताओं के पास ही भेजा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का मानना है कि यदि हार के कारणों पर मंथन और सुधार किया जाए तो निश्चित रूप से इन 66 सीटों पर भी कांग्रेस की जीत दर्ज करवा सकती है. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से यदि 66 हटा दी जाए तो कड़ा मुकाबला केवल 164 सीट पर रह जाता है. 

ज्योतिरादित्य सिंधिया को ठहराया जिम्मेदार
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने अपनी रिपोर्ट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस की हार का जिम्मेदार बताया है. उन्होंने रिपोर्ट में लिखा है कि सिंधिया अपनी जीत की वजह से हमेशा 80 सीटों पर अपने समर्थकों के टिकट मांगते थे. इनमें से 40 से 50 सीटों पर सिंधिया समर्थक चुनाव लड़ते थे. ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से कांग्रेस को कई सीटें गवाना पड़ी. उन्होंने ग्वालियर और चंबल में हारी हुई सीटों को लेकर भी सिंधिया को जिम्मेदार ठहराया है. 

अयोग्य उम्मीदवार के कारण परास्त हुई कांग्रेस
दिग्विजय सिंह ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि कुछ विधानसभा सीटों पर प्रभावी और योग्य उम्मीदवार होने के बावजूद कमजोर उम्मीदवार के लड़ने की वजह से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. इसके लिए उन्होंने यह भी कांग्रेस नेताओं और जनता का ओपिनियन लेकर टिकट दिए जाने का की वकालत की है. सर्वे में जिन नेताओं के नाम सामने आए उन्हें टिकट दिया जाना चाहिए.

इन विधानसभा सीटों पर पहुंचे थे दिग्विजय
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने उज्जैन उत्तर, उज्जैन दक्षिण, रतलाम सिटी, मंदसौर, मल्हारगढ़, नीमच, जावद, दतिया, बालाघाट, रीवा, सीधी, नरयावली, रहली, भोजपुर, सागर, हरसूद, इंदौर 2, इंदौर 4, इंदौर 5, सोहागपुर, मंदसौर, महू, गुना, शिवपुरी, देवसर, जयसिंह नगर, बांधवगढ़, मानपुर, मुड़वारा, जबलपुर कैंट, पनागर, सिहोरा, बालाघाट, सिवनी, आमला, टिमरनी, सिवनी मालवा, होशंगाबाद, पिपरिया, कुरवाई, बेरसिया, गोविंदपुरा, बुधनी, आष्टा, सीहोर, सारंगपुर, सुसनेर, शुजालपुर, देवास, खातेगांव, बागली, खंडवा, पंधाना, बुरहानपुर, धार, परसवाड़ा आदि सीटों पर भ्रमण कर अपनी रिपोर्ट तैयार सीट की है. 

क्या कहते हैं बीजेपी और कांग्रेस के नेता
पूर्व मंत्री और विधायक सज्जन सिंह वर्मा के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ गई थी, जिसके कारण कई सीटें कांग्रेस को गंवाना पड़ी. इस बार कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ रही है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सिंधिया को सही जिम्मेदार ठहराया है. शिवराज सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यादव का मुताबिक दिग्विजय सिंह के कारण ही कांग्रेस की ऐसी हालत हुई है. वे भले ही किसी को भी जिम्मेदार ठहराए.

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