रोमियो स्क्वाड वाली बाबा की सरकार फिर भी हत्या और बलात्कार I

Romeo Squad रोमियो स्क्वाड वाली बाबा की सरकार फिर भी हत्या और बलात्कार

रोमियो स्क्वाड वाली बाबा उत्तरप्रदेश में बाबा जी अर्थात योगी जी का रोमियो स्क्वाड वाली बाबा की सरकार

फिर हाथरस कांड हो गया बता दे कि 14 सितंबर 2020 को कुमारी मनीषा वाल्मीकि सुबह-सुबह खेतों में

काम करने के लिए जा रही थी और उसी समय खेतों में चार युवक छुप कर बैठे हुए थे. और इन चारों युवकों ने

पहले से ही मन बना रखा था कि वह ऐसी हैवानियत करने वाले हैं। और कुमारी मनीषा वाल्मीकि की

उम्र 19 वर्ष की थी और मनीषा ने उन चारों दरिंदों से बचने का भरपूर प्रयास किया था.

लेकिन उन चारों दरिंदों से ना बच पाई और बलात्कारियों ने मनीषा का यौन शोषण किया

साथ ही साथ मनीषा की जिब, गले की हड्डी, हाथ और पाओ को भी तोड़ दिया। अपराधिक घटना सुनने में ही

बेहद भयानक लगती है, तो आप सोच सकते हैं कि मनीषा पर क्या कुछ बीता होगा।

रोमियो स्क्वाड वाली बाबा की सरकार सुरक्षा करने में नाकाम रही

चारों बलात्कारियों को हिरासत में ले लिया है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अभी तक मामले पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है.

और चारों बलात्कारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है लेकिन हैरान करने वाली बात तो यह है.

कि अभी तक इस पूरे मामले पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।

सोशल मीडिया हो या फिर बॉलीवुड इंडस्ट्री सभी जगह Manisha Valmiki Rape पर चर्चाएं की जा रही है।.

तब इस पूरी घटना को लेकर सभी आक्रोश में है, सोशल मीडिया पर इंसाफ की मांग की जा रही है।.


तथा Manisha Valmiki एक दलित परिवार की बेटी थी जिसको बुरी तरह से पीड़ित

उसके बाद अत्याचार कर के उसकी जीभ को काट दिया गया . और उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गयी

उस समय आखिरकार मनीषा जिंदगी की लड़ाई में हार गई और अब वह हमारे बीच नहीं है।.

और Manisha Valmiki 19 साल की थी जिसका बलात्कार 4 ऊंची caste के दरिंदों ने किया है।

आपको बता दें कि हैवानो ने गैंग रेप करने के बाद मनीषा का गला दबाने की भी कोशिश की थी.

लेकिन वह मनीषा को जान से मारने में सफल नहीं हो सके।.

हाथरस के दरिंदों को फांसी की मांग, उत्तरप्रदेश की योगी पुलिस ने नष्ट किए गए सबूत

रोमियो स्क्वाड वाली बाबा की सरकार सुरक्षा करने में नाकाम रही, और हमें बड़े दुख के साथ बताना पड़ रहा है

कि मनीषा अपनी आखरी सांसे आईसीयू में गिनती गिनती पुलिस को अपनी स्टेटमेंट अपनी बीती हुई बता रही थी.

और पुलिस ने मनीषा की स्टेटमेंट रिकॉर्ड कर लिया है। और सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है.

कि मनीषा अपने खेतों में सुबह-सुबह अपनी जानवरों को चारा खिलाने जा रही थी।

मां को कम सुनाई देता है, इसलिए नहीं सुन सकी बेटी की चीख और बेटी के निधन के बाद

मृतका की मां बेहाल है। उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वह रोते हुए बता रही है.

कि “मैं अपनी बेटी से मात्र 100 मीटर की दूरी पर चारा काट रही थी।.

और मैं उसे बचा सकती थी। लेकिन मुझे कम सुनाई देता है। उसे ढूंढ़ते हुए जब वह एक पेड़

के पास पहुंची तो देखा कि उसकी बेटी मनीषा खेत में नग्नावस्था में बेहोश पड़ी हुई थी।

करीब 600 घर ठाकुर जाति के लोगों के हैं। जबकि 100 परिवार ब्राह्मण है।

गांव में दलितों के केवल 15 घर हैं। हाथरस

और मृतका की मां का कहना है कि यदि उसे पहले ही दिल्ली ले आया गया होता तो

उसकी जान बच सकती थी। लेकिन प्रदेश की योगी सरकार ऐसा नहीं चाहती थी।.

मृतका के गांव भुलगढ़ी के संबंध में स्थानीय निवासियों के मुताबिक

गांव में करीब 600 घर ठाकुर जाति के लोगों के हैं।. जबकि 100 परिवार ब्राह्मण है।

गांव में दलितों के केवल 15 घर हैं।

और आए दिन ऊंची जातियों के शोहदे दलित बच्चियों के साथ छेड़खानी करते हैं। उनके उपर जुल्म करते हैं।

लेकिन स्थानीय थाने में रिपोर्ट तक नहीं ली जाती। इधर दिल्ली में भी बीते 27 सितंबर 2020 को

सफाई कर्मचारियों के कई संगठनों ने जंतर-मंतर पर मनीषा के साथ हुए अपराध के खिलाफ न्याय मार्च निकला।

अखिल भारतीय दलित मूलनिवासी संघ ने इसे दलित समाज पर होने वाले अत्याचारों की इन्तहा बताया और

इसका पुरजोर विरोध करते हुए न्याय की मांग की।

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